Introduction :
भारत देश में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसे शाओमी का नाम ना पता हो। 2010 में चीन के बीजिंग शहर में स्थापित हुई शाओमी ने कैसे भारतीय लोगों के दिलों पर राज किया ?, कैसे शाओमी दुनिया की Top 3 स्मार्टफोन कंपनियों में शुमार हुई ? और आख़िर कैसे शाओमी ने एक वक्त में ऐपल और सैमसंग को भी पीछे छोड़ दिया था ? इन सभी सवालों के जवाब इस आर्टिकल के माध्यम से जानने की कोशिश करते है। २०१० के बाद सिर्फ़ १० सालों में यानी २०२० तक शाओमी भारत की नम्बर १ स्मार्टफोन कंपनी बन चुकी थी। शाओमी ने १० सालों में ऐसा क्या किया जिससे वह इस मुक़ाम पर पहुँच गई, और स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी ने कैसे अपना पूरा ईकोसिस्टम बना दिया ? शाओमी के सफलता के इन्हीं पहलुओं पर इस आर्टिकल में बात की गई है। इस आर्टिकल के लिए ली गई जानकारी शाओमी की आधिकारिक वेबसाइट, annual reports, IDC, Counterpoint, Canalys/Omdia, Reuters company press releases जैसे भरोसेमंद माध्यमों से ली गई है। शाओमी ने जब स्मार्टफोन इंडस्ट्री में अपना पहला कदम रखा तब बाज़ार में ऐपल, और सैमसंग जैसी दिग्गज कंपनियाँ पहले से ही अपने पैर मज़बूत जमा चुके थे, ऐसे में शुरुआती दौर में लोगों का भरोसा जीतना एक बहुत बड़ी चुनौती थी। शाओमी की शुरुआत सिर्फ़ स्मार्टफोन कंपनी के तौर पर नहीं हुई थी, शाओमी को अपना खुद का ईकोसिस्टम बनाना था इसीलिए शाओमी ने स्मार्टफोन से पहले अपना MIUI का पहला वर्ज़न लॉन्च किया। शाओमी के संस्थापक और आगे जाके CEO का किरदार निभाने वाले Lei Jun ने शाओमी के प्रचार (Advertisement) के लिए दूसरी कंपनियों से विपरीत (Online Selling) का तरीक़ा अपनाया। ज़्यादातर कंपनियाँ सिर्फ़ ऑफ़लाइन मार्केट के ज़रिए अपने स्मार्टफोन बेचा करते थे और ऑनलाइन सेलिंग पर उतना ध्यान नहीं देते थे, पर शाओमी ने कैसे इसी बात का फ़ायदा उठाया इस बात को आज एकदम गहराई से समझेंगे। शाओमी की स्थापना से लेकर Redmi, POCO, EV Cars तक सब कुछ इस आर्टिकल में जानेंगे। शाओमी की १९९९/- रुपए क़ीमत वाली स्ट्रैटेजी आख़िर क्या थी ? , इस स्ट्रैटेजी ने शाओमी के ग्रोथ के लिए कैसे काम किया ? ,शाओमी के पूरे सफ़र के दौरान कौन-कौन से उतार-चढ़ाव आए ? शाओमी की बजट सेग्मेंट से प्रीमीयम सेग्मेंट में शिफ़्टिंग, इस सब बातों पर इस आर्टिकल में चर्चा की गई है। तो आइएँ जानते है शाओमी की पूरी कहानी।
2010 - Xiaomi की शुरुआत कैसे हुई? और MIUI
६ अप्रैल २०१० को चीन के बीजिंग शहर में Lei Jun ने शाओमी की स्थापना की। Lei Jun आगे चलकर शाओमी के CEO बने। सबसे महत्वपूर्ण बात की शाओमी की स्थापना एक स्मार्टफोन कंपनी के तौर पर नहीं हुई थी। शाओमी शुरुआत से Software -> Community -> Hardware -> Ecosystem इस प्लान पर काम कर रही थी। शाओमी ने शुरुआत स्मार्टफोन बनाने से ना करके software बनाने से की। अर्थात् यूज़र के साथ पहले software experience को बढ़ाना , और फिर उसी कम्यूनिटी के आधार पर hardware को विकसित करना। अपने इसी idea पर चलते हुए शाओमी ने 16 August 2010 को MIUI का पहला वर्ज़न जारी किया जो Android 2.2.x Froyo पर आधारित था। यह शाओमी के द्वारा विकसित किया गया ऑपरेटिंग सिस्टम था। MIUI में शाओमी ने सामान्यतः उपयोग में आने वाले काफ़ी ऐप्स डाले थे, जैसे Notes, Backup, Music, Gallery इत्यादि। MIUI शाओमी द्वारा विकसित किया गया और उपयोग में लाया जाने वाला स्मार्टफोन ऑपरेटिंग सिस्टम था। आगे जाकर इसी MIUI को सिर्फ़ स्मार्टफोन तक सीमित ना रखकर Watches, TV, Pad इन सब में भी दिया जाने लगा। MIUI का मतलब है “Me-You-I”, इसे यूज़र को स्मार्टफोन के क़रीब लाना, यूज़र को अच्छा और स्मूथ अनुभव देना, Customization के ज़्यादा ऑप्शन देना और यूज़र को अलग अनुभव कराने के लिए डिज़ाइन किया गया था। MIUI के कुल १४ versions शाओमी ने विकसित किए और फिर २६ अक्टूबर २०२३ को MIUI को HyperOS से रिप्लेस कर दिया गया।
MIUI का विकास : MIUI 1 से MIUI 14 तक
MIUI 1
Launched : August 2010
Based on : Android 2.2.x Froyo
MIUI 2
Launched : 2011
Based on : Android 2.2
MIUI 3
Launched : 2012
Based on : Android 2.3.6 Gingerbread
MIUI 4
Launched : 2012
Based on : Android 4.0 Ice Cream Sandwich
MIUI 5
Launched : 2013
Based on : Android 4.1 Jellybean
MIUI 6
Launched : 2014
Based on : Android 5.0 Lollipop
MIUI 7
Launched : 2015
Based on. : Android 6.0 Marshmallow
MIUI 8
Launched : 2016
Based on : Android 7.0 Nougat
MIUI 9
Launched : 2017
Based on : Android 8.1 Oreo
MIUI 10
Launched : 2018
Based on : -
MIUI 11
Launched : 2019
Based on : Android Marshmallow and older android versions
MIUI 12
Launched : 2020
Based on : Android 10
MIUI 12.5
Launched : Last Quarter of 2020
Based on : -
MIUI 13
Launched : 2021
Based on : Android 12
MIUI 14
Launched : 2022
Based on : Android 13
MIUI से HyperOs : शाओमी ने software रिप्लेस क्यों किया ?
1.MIUI की ख़राब होती पहचान
शाओमी सस्ते क़ीमत पर अपने स्मार्ट्फ़ोन बेच रही थी,जिसकी वजे से प्रोफ़िट मार्जिन ज़्यादा नहि था। इसके विकल्प के तौर पर शाओमी ने MIUI के साथ भर-भर के blotware देना शुरू किया। blotware की वजे से यूज़र एक्सपीरिएन्स ख़राब हुआ। MIUI की पहचान धीरे-धीरे ख़राब होने लगी। इसका रास्ता निकालने के लिए शाओमी ने MIUI को HyperOs से बदल दिया।
2.Smartphone से आगे बढ़ना
MIUI मुख्य तौर पर समार्टफोन और tablets के लिए डिज़ाइन किया गया था, पर शाओमी स्मार्ट्फ़ोन के साथ TV + WATCH + EARBUDS + CARS + SMART HOME + IoT इन सब को एक हाई ईकोसिस्टम से जोड़ना चाहती थी।
3.शाओमी का नया Human x Car x Home vision
शाओमी अपने स्मार्टफ़ोन को घर के डिवाइस और कार से एक साथ जोड़ना चाहती थी, जिसके लिए MIUI तैयार नहीं था। इसीलिए शाओमी ने MIUI की जगह HyperOS बनाया।
4.शाओमी के EVs के लिए
शाओमी भले ही स्मार्टफ़ोन बनाती थी पर अब शाओमी को मोबाइल बिज़नेस के साथ-साथ EV बिज़नेस में भी जाना था और उसके लिए ऐसा software चाहिए था जो स्मार्टफ़ोन और कार दोनों को एक-दूसरे से कनेक्ट करे।
5.Performence और कार्यक्षमता को सुधारना
MIUI एक बहुत भारी ऑपरेटिंग सिस्टम था, जिसकी वजह से फ़ोन की परफ़ॉर्मेंस, स्टोरेज, CPU पर ख़राब असर पड़ रहा था। इसके उपाय के तौर पर शाओमी ने एक हल्का (LITE) और बेहतर ऑपरेटिंग सिस्टम HyperOS बनाया। यह lite और efficient होने की वजह से ज़्यादा स्टोरेज कन्ज़्यूम नहीं करता और MIUI की तुलना में बेहतर परफ़ॉर्मेंस देता है।
2011 - Xiaomi Mi 1: पहला स्मार्टफोन
साल २०११ में शाओमी ने आधिकारिक तौर पर स्मार्टफ़ोन बिज़नेस में अपने कदम रखे। २०११ के अगस्त महीने में १६ तारीख को शाओमी ने अपना पहला स्मार्टफ़ोन Xiaomi Mi 1 लॉन्च किया। स्मार्टफ़ोन की क़ीमत चाइना में ¥1999 रखी गयी थी। Mi 1 स्मार्टफ़ोन के pre-order शुरू होने के बाद सिर्फ़ ३४ घंटों में ३००,००० ( ३ लाख) से भी ज़्यादा स्मार्टफ़ोन बुक हो गए। इस स्मार्टफ़ोन में MIUI का V2.3 दिया गया था जो android V2.3 ( Gingerbread ) पर आधारित था। इसी के साथ इस स्मार्टफ़ोन में Qualcomm Snapdragon S3 Dual Core ( 1.5GHz ) processor, Adreno 220 GPU, 1GB RAM, 1930mAh battery, 8MP main camera, LCD display दिया गया था। शाओमी ने कम क़ीमत पर ज़्यादा स्पेसीफ़िकेशन दिए जिसकी वजह से Mi 1 की क़ीमत ( ¥1999 ) बड़ी चर्चा का विषय बनी। आगे चल कर यह क़ीमत शाओमी की पहचान बन गयी।
₹1999 की Strategy
शाओमी के सबसे एतिहासिक निर्णयों में से एक मतलब १९९९ रुपए में स्मार्ट्फ़ोन बेचना। आगे जाकर यह शाओमी के विपणन का हथियार बन गया। शाओमी ने २०११ में अपना पहला स्मार्ट्फ़ोन Mi 1 लॉंच किया और उसकी क़ीमत शाओमी ने ¥1999 रखी। शाओमी के आधिकारिक सूचना के अनुसार शाओमी का विचार क़ीमत को ¥1499 रखने का था, पर स्मार्ट्फ़ोन बनाने की लागत ही ¥2000 के क़रीब थी। Lei Jun के मुताबिक़, अगर ¥1499 में स्मार्ट्फ़ोन बेचा जाता तो शाओमी को लगभग २ अरब यूआन का नुक़सान होने का ख़तरा था। कम्पनी के शुरुआती दौर में यह निर्णय कम्पनी के लिए बुरा साबित हो सकता था, इसीलिए शाओमी ने ¥1499 की जगह क़ीमत को ¥1999 कार दिया। शाओमी ने क़ीमत को इतना रखा की कम्पनी को नुक़सान ना हो और लोगों को कम क़ीमत में प्रीमीयम फ़ीचर्स वाला मोबाइल भी मिल जाए।शाओमी ने अपने शुरुआती दौर में नफ़ा बनाने पर ध्यान नहि दिया।स्मार्ट्फ़ोन को ग्राहक तक पोहोचाने में कम्पनी को काफ़ी खर्च करना पड़ता था,इसीलिए शाओमी ने Offline बिक्री के जगह Online बिक्री पर अपना ध्यान दिया।शाओमी ने २०११ में अपना पहला स्मार्ट्फ़ोन लॉंच किया तब एक वर्ष में लगभग ३ लाख मोबाइल बेचने का लक्ष्य रखा । Lei Jun के बयान के मुताबिक़ शाओमी Mi 1 के पहले online ब्रिक्रि में हाई क़रीब ३ लाख स्मार्ट्फ़ोन बुक हो गए थे। एक वर्ष का लक्ष्य पहली बिक्री में ही हासिल करना यह शाओमी के लिए शुभ संकेत था।
2012 - Community से ब्रांड बनने की शुरुआत
शाओमी के Mi 1 की बड़ी सफलता के बाद शाओमी ने २०१२ में शाओमी Mi 2 और Mi 1S लॉंच किए। MIUI के ज़रिए शाओमी ने अपनी कम्यूनिटी बना ली थी और Mi 1 की बड़ी सफलता के बाद शाओमी अब एक ब्रांड बनने की तरफ़ आगे बढ़ रही थी। शाओमी ने २०१२ में नए रेकोर्ड बनाए। २०१२ के मार्च महीने तक शाओमी ने 1 Million स्मार्ट्फ़ोन बेचने का रेकोर्ड बना दिया , वही जून में शाओमी ने 3 Million का आँकड़ा भी पार कर लिया। शाओमी ने पूरे 2012 में 7.19 million स्मार्ट्फ़ोन बेचे।
Xiaomi Smartphone Sales — 2012
2012 में Xiaomi की cumulative smartphone sales के verified milestones.
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period |
sales ( in million ) |
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March 2012 |
1 |
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June 2012 |
3 |
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End of 2012 |
7.19 |
2013 - Redmi की नींव
२०१३ वर्ष शाओमी के इतिहास में बहोत महत्वपूर्ण रहा है। इसी वर्ष के जुलाई महीने में शाओमी ने Redmi की निव रखी। २०१३ में रेडमि का पहला समार्टफोने चाइना में लॉंच किया गया। Redmi शाओमी का ही एक अलग ब्रांड है जो बजेट सेग्मेंट को टार्गेट करता है। रेडमि के स्मार्ट्फ़ोन में शाओमी का MIUI ऑपरेटिंग सिस्टम काम करता है। Redmi का हिंदी में अर्थ होता है लाल चावल। यह १० जनवरी,२०१९ में शाओमी से अलग होकर एक उप-ब्रांड बन गया। भारत में रेडमि की अलग हाई फ़ैन फ़ालोइंग है। भारत में शाओमी को No.1 smartphone company बनाने में रेडमि का योगदान सबसे ज़्यादा रहा है। भारत में मध्यम वर्गीय ख़रीदार सबसे ज़्यादा है और रेडमि इनहि वर्गों को टार्गेट करने के लिए बनाई गयी थी। रेडमि ने शुरुआती दौर में ७००० और १०,००० रुपए के सेग्मेंट में स्मार्ट्फ़ोन लॉंच किए। तब भारत में इसी बजेट में सबसे ज़्यादा स्मार्ट्फ़ोन बिकते थे। Redmi Note सिरीज़ को भारत में बेहद पसंद किया गया। काम क़ीमत में बहतरींन फ़ीचर्स देने की वजे से रेडमि काफ़ी तेज़ी से विकसित हुई। भारत में मोबाइल क्षेत्र में क्रांति शाओमी ने रेडमि के माध्यम से लाई। रेडमि ने अपने प्रतिस्पर्दियों को बिक्री के मामले में पीछे चोद दिया था । रेडमि के हर नए स्मार्ट्फ़ोन के साथ शाओमी नए रेकोर्ड बनती चली गई। २०१३ से लेके आज तक रेडमि लोगों की पसंद बना हुआ है।
Redmi Smartphones - 2013 से 2025 तक
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Year |
Model |
Key significance |
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2013 |
Redmi 1 |
Redmi series की शुरुआत |
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2014 |
Redmi Note |
Large-screen budget segment |
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2019 |
Redmi Note 7 |
48MP camera era |
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2023 |
Redmi Note 12 Pro+ |
200MP + 120W |
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2025 |
Redmi 15 series |
New generation |
2014 - चीन से बाहर निकलने का फैसला
वर्ष २०१४ में शाओमी ने आंतरराष्ट्रीय मार्केट में अपना फैलाव शुरू किया।भारत शाओमी के लिए बहोत महत्वपूर्ण बाज़ार था। २०१४ में शाओमी के आंतरराष्ट्रीय उप अध्यक्ष Hugo Barra थे। २०१४ में शाओमी ने Mi 3 और Redmi के कुछ प्रोडक्ट लौच किए थे। भारत के लिए शाओमी की सोच काफ़ी अलग थी। शाओमी को शुरुआत में भारतीय बाज़ार से नफ़ा नहि चाहिए था। शाओमी पहले बाज़ार हिस्सेदारी और ग्राहक हासिल करना करना चाहती थी। २०१४ के पहले एक तिमाही तक शाओमी स्मार्ट्फ़ोन बिक्री में दुनिया की छटवी ( 6th largest ) बड़ी कम्पनी बन चुकी थी।
2015 - शाओमी की तेज ग्रोथ
२०१५ में शाओमी चाइना की सबसे चर्चित स्मार्ट्फ़ोन कम्पनी में शुमार हो गई। शाओमी की ग्रोथ इतनी ज़्यादा था की शाओमी की की सप्लाई चैन कुल डिमांड पूरी नहि कर पा रही थी और यही चीज़ शाओमी के लिए दिक़्क़त साबित हुई। शाओमी की बिक्री इतनी ज़्यादा थी जिससे Inventory Management पर दबाव बढ़ने लगा।
2014 की तुलना में शाओमी का 2015 का बिसनेस
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Metric |
2014 |
2015 |
ग्रोथ |
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दर्ज किया गया revenue / sales |
¥74.3B |
¥78B |
लगभग +5% |
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कुल स्मार्ट्फ़ोन बिक्री - Xiaomi company figure |
61M+ |
70M+ |
लगभग +15% |
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शाओमी - शुरुआती 2015 का टार्गेट |
- |
100M |
बाद में target घटाकर 80-100M किया गया |
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सुधरित टार्गेट |
- |
80M minimum |
Actual 70M+ रहा |
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जागतिक तौर पर स्मार्ट्फ़ोन बिक्री - IDC |
57.7M |
70.8M |
+22.8% |
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आंतरराष्ट्रीय मार्केट में हिस्सेदारी - IDC |
4.4% |
4.9% |
+0.5 percentage point |
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जागतिक स्थान - IDC |
#3 |
#5 |
Huawei/Lenovo की तेज growth से rank नीचे गयी |
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चाइना में कुल स्मार्ट्फ़ोन बिक्री - Strategy Analytics |
57.8M |
67.5M |
चाइना में No.1 |
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चाइना के मार्केट में हिस्सेदारी |
13.6% |
15.4% |
चाइना में No.1 |
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इंटर्नेट सुविधा से आय |
¥1.48B |
¥3.71B |
लगभग +150% |
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मोबाइल गेम से आय |
¥1.21B |
¥2.6B |
2× से ज्यादा |
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Mi Band shipments |
- |
10M+ in Jan–Sep |
Wearables में बड़ा फैलाव |
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वर्ष-प्रति-वर्ष valuation |
$45B funding valuation from Dec 2014 |
लगभग $45B reference |
2015 में नई public valuation round नहीं |
2016 - Xiaomi की बिक्री क्यों गिरी?- Decline
२०१६ वर्ष शाओमी के इतिहास का टर्निंग बिंदु है। इस वर्ष कम्पनी की कुल बिक्री में भारी गिरावट हुई। WIRED की रिपोर्ट के अनुसार शाओमी की स्मार्ट्फ़ोन बिक्री जो २०१५ में लगभग 70 million थी वो २०१६ में घटकर 41 million के क़रीब आ गई थी। इस भारी गिरावट के कुछ मुख्य कारण WIRED की रिपोर्ट में बताए गए जैसे सिर्फ़ online बिक्री पर निर्भर रहना, सप्लाई चैन में दिक़्क़त आना, संस्थात्मक समस्याएँ इत्यादि। शाओमी के लिए २०१६ वर्ष ऐसा था जिसे CEO Lei Jun ने “make-up-year” कहा।शाओमी के गिरावट के पीछे ३ मुक़या कारण बताए गए है।
- सप्लाई चैन पर दबाव : शाओमी तेज़ी से ग्रो कर रही थी ऐसे में माँग बढ़ना लाज़मी था। माँग तेज़ी से बढ़ी पर शाओमी की सप्लाई काम पद रही थी जिसकी वजे से कुल माँग पूरी कर पाना मुश्किल हो गया। इसी के चलते सप्लाई चैन को भारी दबाव का सामना करना पड़ा।
- केवल Online बिक्री पर निर्भर रहना : शाओमी शुरुआति दौर से ही Online बिक्री पर ज़्यादा निर्भर रही जिसके वजे से Offline बाज़ार में शाओमी नहि पोहोच साक़ी। इसी वक्त VIVO,OPPO जैसे कोंपनियों ने Offline बाज़ार पर अपना ध्यान केंद्रित किया और बाज़ार को क़ाबिज़ कर लिया।
- संस्थात्मक कमज़ोरियाँ : शाओमी के विकास के साथ ही संस्थात्मक समस्याएँ भी बढ़ने लगी जैसे, अनुसंधान,सप्लाई,Hardware के टीम को सुधार की ज़रूरत थी।
2017 - Comeback : शाओमी की वापसी
वर्ष २०१६ में शाओमी के कुल बिक्री में जो गिरावट हुई उससे शाओमी को अपनी कमज़ोरियों का पता चला। अपनी कमज़ोरियों पर काम करके शाओमी ने वर्ष २०१७ में पुनः वापसी की। २०१७ शाओमी का Comeback वर्ष बन गया। शाओमी ने अब Online के साथ-साथ Offline बिक्री पर भी ध्यान दिया। इसी के परिणाम स्वरूप शाओमी ने Mi Home Store की स्थापना की। इसी दौरान शाओमी ने मोबाइल के साथ-साथ अपने ईकोसिस्टम को तेज़ी से बढ़ाना शुरू किया। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष २०१७ में शाओमी ने 100 billion यूआन से ज़्यादा बिक्री का लक्ष्य रखा।
2019 - शाओमी : स्मार्ट्फ़ोन कम्पनी से ईकोसिस्टम कम्पनी
वर्ष २०१९ शाओमी के लिए बहुत महत्वपूर्ण वर्ष रहा। २०१९ में शाओमी ने नया इतिहास रचा। वर्ष २०१९ में शाओमी Fortune Global 500 की लिस्ट में शुमार हुई। यह शाओमी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। शाओमी अब सिर्फ़ स्मार्टफ़ोन बनाने वाली कम्पनी नहीं रही। शाओमी ने अपना ईकोसिस्टम विकसित किया और उसी के चलते शाओमी ने अपने नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। इस समय तक Xiaomi smartphones के साथ:
- TVs
- smart home products
- wearables
- routers
- IoT products
- accessories
जैसे categories में तेजी से फैल चुकी थी.
शाओमी ने २०१९ में एक और मिल का पत्थर हासिल किया, Hardware में शुद्ध 5 प्रतिशत लाभ प्राप्त करके का रेकोर्ड भी २०१९ में दर्ज किया।
2020 - महामारी के बावजूद India में नंबर 1
वर्ष २०२० में COVID-19 महामारी के चलते पूरी दुनिया एक जगह स्थिर हो गई थी,पर स्मार्ट्फ़ोन बाज़ार में अभी भी हलचल शुरू थी। २०२० में भारत में कुल 150 million+ स्मार्ट्फ़ोन की बिक्री दर्ज की गई है। महामारी के चलते स्मार्ट्फ़ोन क्षेत्र को भी झटका लगा पर इस दौरान भी शाओमी ने भारत में No.1 स्थान हासिल किया। वर्ष २०२० में शाओमी का कुल बाज़ार हिस्सेदारी में 26% हिस्सा रहा। वर्ष २०१९ की तुलना में ( २७ प्रतिशत ) २०२० में गिरावट हुई पर दूसरी कोंपनियों की तुलना में काफ़ी कम थी। वर्ष २२०१९ में COVID-19 के साथ ही एक और समस्या उत्पन्न हुई। भारत-चाइना में भौगोलिक कारणों के चलते तनाव बढ़ता गया जिसका परिणाम सभी चिनि कोंपनियों पर पड़ा।
2021 - Xiaomi कैसे बनी Global No.1 Monthly Smartphone Brand?
वर्ष २०२१ शाओमी के इतिहास में सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है। शाओमी के लिए यह एक एतिहासिक वर्ष साबित हुआ। २०२१ में शाओमी ने वो काम कर दिखाया जो दूसरी कोंपनियाँ नहि कर सक़ी । शाओमी ने वर्ष २०२१ में नया इतिहास बनाया और अपने सारे पुराने रेकर्ड् तोड़ दिए। यह वही वर्ष है जब शाओमी ने मासिक स्मार्ट्फ़ोन बिक्री के मामले में SAMSUNG और Apple को भी पीछे छोड़ दिया। २०२१ के जून माह में शाओमी ने मासिक बिक्री में सैमसंग और ऐपल दोनो को पीछे छोड़ दिया, यह शाओमी के लिए एतिहासिक माह साबित हुआ।
जून - २०२१ : शाओमी vs सैमसंग vs ऐपल
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Rank |
Company |
Global smartphone sales shar |
June 2021 ka important fact |
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1 |
Xiaomi |
17.1% |
बिक्री 26% MoM बढ़ी : पहली बार global monthly में #1 |
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2 |
Samsung |
15.7% |
COVID-19 के चलते उत्पाद और सप्लाई काम हुई |
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3 |
Apple |
14.3% |
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2022 - मुक़ाम के बाद का दबाव
वर्ष २०२२ में स्मार्ट्फ़ोन बाज़ार में काफ़ी गिरावट दर्ज की गई।इसी वर्ष शाओमी ने बहुत बड़ा निर्णय लेने की घोषणा की।शाओमी को अब इलेक्ट्रॉनिक वेहिकल ( EV ) के क्षेत्र में काम करना था और शाओमी में लगभग US$10 billion का निवेश EV क्षेत्र में करने का फ़ैसला २०२१ में हाई घोषित कर दिया था। EV क्षेत्र में शाओमी का आगमन शाओमी के एतिहासिक निर्णयों में से एक साबित हुआ।
2023 - भारत में शाओमी की पहली रणनीतिक गलती
२०२३ आते-आते स्मार्टफ़ोन बाज़ार में तेज़ी से स्पर्धा बढ़ी। हर एक कम्पनी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए सस्ते और अच्छे मोबाइल बना रहे थे। इसी के चलते शाओमी को काफ़ी प्रतिस्पर्धियों का सामना करना पड़ रहा था। शाओमी का बाज़ार में पहले जैसा दबदबा नहीं रहा। शाओमी काफ़ी लम्बे अरसे तक १०,०००₹ के अंदर वाले बजट सेग्मेंट पर काम करती रही जिसकी वजह से शाओमी की सिर्फ़ बजट सेग्मेंट वाली कम्पनी के तौर पर पहचान बनी। दूसरी तरफ़ भारतीय ग्राहक अब बेहतर डिज़ाइन और फ़ीचर्स के लिए ज़्यादा पैसा खर्च करने को तैयार हो चुकी थी। इस चीज़ को सैमसंग ने अच्छे से समझा और फ़ाइनैन्स, प्रीमीयम डिज़ाइन देकर लोगों की माँग को पूरा किया। शाओमी प्रीमीयम सेग्मेंट में काफ़ी देरी से परिवर्तित हुई, यही शाओमी की बड़ी गलती साबित हुई। इसी समय को शाओमी के पतन का दूसरा दौर कहा जाता है।
HyperOS :
MIUI के लम्बे कार्यकाल के बाद शाओमी ने २०२३ में अपना नया ऑपरेटिंग सिस्टम लॉंच किया। MIUI को HyperOS से बदलने के पीछे काफ़ी चीजों का योगदान रहा जिनकी बात इसी आर्टिकल में पहले की गई है। शाओमी ने अपना दृष्टिकोण बदल दिया था। शाओमी अब Human x Car x Home इस नए युक्ति पर काम करना चाहती थी। Human x Car Home इन सब को एक-दूसरे से कनेक्ट करने के लिए एक सिस्टम की ज़रूरत थी पर MIUI उसके लिए तयार नहि था,इसीलिए फिर शाओमी ने MIUI को बदल कर एक नया ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित किया जो शाओमी के सभी डिवाइस को जोड़ सकता है। इस तरह शाओमी को अपना ईकोसिस्टम बनाने के लिए HyperOS की ज़रूरत पड़ी।
2024 - शाओमी का EV में बड़ा कदम : SU7
२०२१ के peak के बाद शाओमी को काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा जिसके वजह से शाओमी का पतन होना शुरू हुआ। शाओमी ने अपनी ख़ामियों को समझा और उनपर काम भी किया। २०२१ के बाद दिक्कतों के बावजूद शाओमी का पूरी तरह पतन नहीं हुआ, शाओमी की साँसे चल रही थी। अपने बुरे वक़्त के चलते शाओमी ने बड़ा फ़ैसला लिया। २०२४ में शाओमी ने अपनी पहली इलेक्ट्रॉनिक sedan SU7 लॉन्च की। अप्रैल २०२४ से car मुहैया कराना शुरू हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ मई २०२४ तक SU7 के ८८,०६३ ऑर्डर बुक हो चुके थे और मई के मध्य तक १०,००० cars डिलिवर हो चुके थे। अच्छे प्रतिक्रिया के चलते शाओमी ने EV डिलीवरी टार्गेट १००,००० से बढ़ाकर १२०,००० कर दिया। यह शाओमी का दूसरा जन्म था।
2025 - शाओमी सिर्फ़ स्मार्ट्फ़ोन कम्पनी नहि रही
२०२५ तक शाओमी के इतिहास में काफ़ी उतार-चढ़ाव आए। शाओमी अपने बुरे वक्त में भी मार्केट में बनी रही । शाओमी ने पाने ख़ामियों पर अच्छे से काम किया, वक्त के साथ खुद में बदलाव किए, सिर्फ़ स्मार्ट्फ़ोन बनाने पर ध्यान केंद्रित ना करके दूसरे क्षेत्र में भी काम किया जिसकी वजे से अब शाओमी सिर्फ़ स्मार्ट्फ़ोन बनाने वाली कम्पनी नहि रही। शाओमी ने अपना ईकोसिस्टम २०२५ तक विकसित कर लिया था। शाओमी अब स्मार्ट्फ़ोन के साथ-साथ EV car, Home गेजेट्स और अन्य कई क्षेत्रों में काम कर रही है।
२०२५ - शाओमी का स्मार्ट्फ़ोन इंडस्ट्री में स्थान
२०२५ में शाओमी ने कुल 165.2 million स्मार्टफ़ोन बेचे। Omdia के रिपोर्ट के अनुसार २०२५ के शीर्ष ३ स्मार्टफ़ोन ब्रैंड में शाओमी तीसरे (3rd) स्थान पर है। शाओमी लगातार ५ सालों से तीसरे स्थान पर बनी हुई है। जागतिक बाज़ार हिस्सेदारी में शाओमी की हिस्सेदारी 13.3% है।
AI + Chip + EV
2025 से शाओमी सिर्फ़ मोबाइल और cars पर अवलम्बित नहि रही। शाओमी ने अपना स्वयं विकसित XRING 01 Flagship Processor लौच किया।
2026 - शाओमी की वर्तमान स्थिति
शाओमी की वर्तमान स्थिति को आँकड़ों के माध्यम से समझते है।
कुल मोबाइल बिक्री - 165.2 million
कुल आय - 457.3 billion
शुद्ध लाभ - 39.2 billion
EV cars बिक्री - 411,082
वर्तमान में शीर्ष स्मार्ट्फ़ोन कम्पनियों में स्थान - 3rd
Global Smartphone Market Share - Q2 2026
|
Rank |
Company |
Q2 2026 Shipments |
Market Share |
Q2 2025 Share |
YoY Shipment Change |
|
1 |
Samsung |
62.7M |
22.7% |
19.4% |
+8.1% |
|
2 |
Apple |
55.7M |
20.2% |
16.3% |
+14.9% |
|
3 |
Xiaomi |
31.2M |
11.3% |
14.2% |
−26.4% |
|
4 |
OPPO |
28.9M |
10.5% |
11.7% |
−17.1% |
|
5 |
vivo |
21.2M |
7.7% |
8.8% |
−19.6% |
|
— |
Others |
76.6M |
27.7% |
29.6% |
−13.1% |
|
Total |
Global Market |
276.3M |
100% |
100% |
−7.4% |
आधार : IDC Worldwide Quarterly Mobile Phone Tracker, final historical results, Q2 2026. (IDC)
Xiaomi के लिए सबसे महत्वपूर्ण आँकडें
|
Xiaomi |
Q2 2026 |
|
Global rank |
#3 |
|
Shipments |
31.2 million |
|
Market share |
11.3% |
|
Q2 2025 share |
14.2% |
|
Share change |
−2.9 percentage points |
|
YoY shipments |
−26.4% |
|
Q2 2025 shipments |
42.4M |
|
Q2 2026 global market |
276.3M |
IDC के final data में Xiaomi की shipments 42.4M से घटकर 31.2M हुईं और market share 14.2% से 11.3% रह गया। (IDC)
Samsung vs Apple vs Xiaomi
|
Comparison |
Samsung |
Apple |
Xiaomi |
|
Global Rank |
1 |
2 |
3 |
|
Shipments |
62.7M |
55.7M |
31.2M |
|
Market Share |
22.7% |
20.2% |
11.3% |
|
YoY change |
+8.1% |
+14.9% |
−26.4% |
सारांस ( conclusion )
इस आर्टिकल में हमने शाओमी की स्थापना से लेके वर्तमान स्थिति तक सभी महत्वपूर्ण घटनाओं पर प्रकाश डाला। २०१० से २०२६ तक शाओमी का इतिहास आँकड़ों के माध्यम से समझने की कोशिश की। शाओमी ने शुरुआत से ही सिर्फ़ स्मार्ट्फ़ोन बनाने पर ध्यान नहि दिया बल्कि अपना पूरा ईकोसिस्टम विकसित करने पर ज़्यादा ध्यान दिया। शाओमी ने अपने अभितक के इतिहास में कई नए मुक़ाम हासिल किए, कई उतार-चढ़ाओं को देखा । शाओमी की स्थापना फिर पहला स्मार्ट्फ़ोन बनाना, चाइना से बाहर निकलके व्यापार करना,भारतीय बाज़ार को क़ाबिज़ करना, लम्बे अरसे तक भारतिया बाज़ार पर राज करना, अपना मुक़ाम हासिल करना, मुक़ाम के बाद व्यापार में गिरावट,पर स्पर्धा में बने रहना, स्मार्ट्फ़ोन के साथ-साथ EV Cars, Home device के क्षेत्र में काम करना, भारतीय बाज़ार में वापसी , कम्पनी की ख़ामियों को पता कर उन्मे सुधार करना, अपना ईकोसिस्टम विकसित करना और आंतरराष्ट्रीय स्मार्ट्फ़ोन बाज़ार में अपना स्थान बनाए रखना यह सब इस आर्टिकल के माध्यम से जानने की कोशिश की। उम्मीद है वाचक को आय लेख पसंद आया होगा और उनके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा।
इस आर्टिकल को पढ़के आपने हमारे उन्नति में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है, इसके लिए आपका आभार।
आपका दिन शुभ हो।